अर्जुन का पेड़ कैसा होता है और इसके क्या फायदे हैं | arjun ka ped kaisa hota hai

अर्जुन वृक्ष भारत में होने वाला एक औषधीय वृक्ष है जिसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक उपचारों के लिए काफी किया जाता है। क्योंकि, अर्जुन के पेड़ में कई सारे औषधीय गुण पाया जाता है। यही कारण है की आयुर्वेदिक दवाइयों के निर्माण में अर्जुन के पत्ते, छाल, जड़ इत्यादि का इस्तेमाल किया जाता है।arjun ka ped kaisa hota hai

अर्जुन का पेड़

अर्जुन का पेड़ तकरीबन 70 से 80 फिट लंबा (ऊंचा) होता है। पत्ते अमरुद के पत्तों जैसे 7 से 20 सेण्टीमीटर लंबे आयताकार होते हैं या कहीं-कहीं नुकीले होते हैं।

इसमे फल वसंत में ही आते हैं, सफेद या पीले मंजरियों में लगे होते हैं जिनमें हल्की सी सुगंध भी होती है।  2 से 5 सेण्टी मीटर लंबे ये फल कच्ची अवस्था में हरे-पीले तथा पकने पर भूरे-लाल रंग के हो जाते हैं। फलों की गंध अजीब सी व स्वाद कसौला होता है फल ही अर्जुन का बीज है। अर्जुन वृक्ष का गोंद स्वच्छ सुनहरा, भूरा व पारदर्शक होता है।

Arjun ka ped

अर्जुन का पेड़ कहां-कहां पाया जाता है

अगर देखा जाए तो अर्जुन का पेड़ ज्यादातर पहाड़ी क्षेत्र, नाला जैसे जगह, मध्यप्रदेश राज्य और बिहार राज्य में पाया जाता है। अगर आप मध्यप्रदेश राज्य या बिहार राज्य के निवासी हैं तो आपने अर्जुन का पेड़ अवश्य देखा होगा।

अर्जुन पेड़ को किस-किस नाम से जाना जाता है

अर्जुन के पेड़ का वानस्पतिक नाम  terminalia arjuna / arjuna myrobalan है ।

नाम मे ही अर्जुन का जुड़ा होना ही बताता है कि यह पूरी तरह से भारतीय है ।

अलग-अलग भाषाओं में अर्जुन के पेड़ को कई तरह के नाम से बुलाया और जाना जाता है। । अगर हम उर्दू भाषा मे इसे अर्जन कहा जाता है तथा अरबी भाषा मे इसे अर्जुन पोस्त कहा जाता है।

सेमल का फूल कैसा होता है और इसके क्या क्या फायदे होते हैं | Semal ka ped

अर्जुन पेड़ के फायदे क्या-क्या है

इस पेड़ से निकलने वाले छाले, पत्तियां, जड़े इत्यादि कई सारे रोगों को ठीक करने में फायदेमंद हैं। अब आपके मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा की कौनसी बीमारी में अर्जुन का पेड़ फायदेमंद है ? तो आइए नीचे जानते है अर्जुन पेड़ के फायदे के बारे में :-

पेशाब की समस्या को ठीक करे

यदि आप हर रोज अर्जुन पेड़ से निकलने वाले छाले का काढ़ा बनाकर सेवन करते हैं तो आपको हो रही पेशाब की समस्या ठीक हो सकती है। आपको प्रतिदिन 40ml काढ़ा का सेवन करना होगा।

दिल के धड़कन को कम करने में है सहायक 

अगर आपको दिल के धड़कन की बीमारी है तो आप अर्जुन के छाल को कूटकर पाउडर बना लें। इसके बाद 1 चमच पाउडर खाली गिलास में रख लें।

अब आप 1 गलास टमाटर का रस और 1 चमच पेड़ के छाल का पाउडर दोनों का मिश्रण कर लें और सेवन कर लें। जिसके बाद दिल की धड़कने कम हो जाएगी।

Arjun ka ped
Arjun Fruits

वजन घटाने में है फायदेमंद 

अभी के समय में हर व्यक्ति वजन घटाने के लिए कई तरह के दवाईयां खा रहे हैं। इसके अलावा तरह-तरह के वर्कआउट भी कर रहे हैं। ऐसा करने के बावजूद भी उनका वजन कम नहीं हो रहा है।

यदि आप अर्जुन पेड़ के छाले से निर्माण किया गया टैबलेट खाते हैं तो आपका मोटापा धीरे-धीरे कम हो सकता है।

चन्दन का पेड़ कैसा होता है , उसके क्या फायदे होते हैं | Sandal tree in hindi

 

गार्डेनिंग के लिए जरूरी चीजें

Watering Canehttps://amzn.to/3gAeQeE
Cocopeathttps://amzn.to/2Ww7MJb
Neem Oilhttps://amzn.to/3B9yUMI
Seaweed Fertilizerhttps://amzn.to/3gy48Fq
Epsom Salthttps://amzn.to/3mwYWFT

स्पर्म की संख्या बढ़ाने में मददगार

अगर कोई व्यक्ति नियमानुसार अर्जुन के छाल का बना काढ़ा पिता है तो उसे स्पर्म से संबंधित कई प्रकार के बीमारियों से छुटकारा प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा स्पर्म की संख्या भी बढ़ेगी।

अर्जुन के छाल से क्या-क्या नुकसान हो सकता है

अर्जुन पेड़ कई सारे फायदे है तो इसके कई सारे नुकसान भी है। अब हम इसके नुकसान के बारे में जानेंगे।

  • पेट में हल्का-हल्का सूजन हो सकता है और सूजन के कारण दर्द जैसी समस्या उत्त्पन हो सकता है।
  • कई बार कब्ज जैसी भी परेशानी हो सकती है।
  • कई लोगों को काढ़े का सेवन करने से नींद न लगने की समस्या पैदा हो सकती है।
  • बदन दर्द के साथ-साथ सिर दर्द जैसी बीमारी उखड़ सकती है।
  • उल्टी और कमजोरी की परेशानी भी हो सकती है।
Arjun ka ped
Arjun Leaves

अर्जुन का पेड़ कैसे और कब लगाएं

यदि आप अर्जुन का पेड़ लगाना चाहते हैं तो आप इस पेड़ को किसी ऐसे स्थान पर लगाएं जहां खुला जगह हो। क्योंकि, अर्जुन का पेड़ काफी लंबा होता है।

आप चाहें तो अर्जुन के पेड़ को रोड के किनारे या फिर खुले मैदान में लगा सकते हैं। इसके अलावा अर्जुन का पेड़ बारिश जैसे मौसम में नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि, यह पेड़ नमी जैसे जगहों में होता है आप अपने क्षेत्रीय नर्सरी से अर्जुन का पेड़ खरीदकर अपने मन मुताबिक जगहों पर लगा सकते हैं।

खुबानी का जितना खूबसूरत फूल होता है उतना ही फायदेमंद उसका फल भी होता है | Apricot in Hindi

गार्डेनिंग के लिए जरूरी चीजें

Hand Gloveshttps://amzn.to/3zlKN1O
Trowel (खुरपी(https://amzn.to/38dnE5x
Hand Prunerhttps://amzn.to/3kpeicF
Garden Scissorshttps://amzn.to/38kA0J6
Spray Bottlehttps://amzn.to/2UQ7hch

आपको यह जानकारी कैसी लगी हमे कमेन्ट करके जरूर बताएं , और नीचे दिये गए like बटन को जरूर दबाएँ , ऐसे ही पेड़-पौधों और गार्डेन से जुड़ी रोचक और उपयोगी जानकारी के लिए hindigarden.com से जुड़े रहें , धन्यवाद ।

Happy Gardening..

Leave a Comment