नीम के पेड़ के बारे मे जानकारी | Neem Tree in Hindi

नीम का पेड़ हमारे आसपास सबसे ज्यादा दिखने वाले पेड़ों मे से है , नीम के वृक्ष की बात करें तो यह हमारे आस पास के वातावरण को स्वच्छ रखने में काफ़ी सहायता प्रदान करता है। नीम के वृक्ष को लोग भारतीय बकाइन के नाम से भी जानते हैं जब कि बकाइन एक अलग प्रजाति के पेड़ होते हैं । Neem Tree in Hindi

नीम का वृक्ष का वानस्पतिक नाम Azadirachta Indica कहैं। आज के इस लेख में आपको नीम के वृक्ष के फ़ायदे नुकसान तथा अन्य सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी ।

नीम का पेड़

नीम भारतीय उपमहाद्वीप का एक वृक्ष है जो गाँव देहात शहर हर जगह दिख जाता है ।उँचाई की बात करें तो नीम के वृक्ष की उँचाई आम तौर पर लगभग 18 से 20 मीटर तक होती है। परंतु, इसकी उँचाई हर देश में अलग अलग हो सकता है क्योंकि यह  देश की जलवायु पर डिपेंड करता है।

हमारे देश के कुछ भागों में नीम के वृक्ष की उँचाई लगभग 25 से 30 मीटर तक भी पाई जाती है। नीम का वृक्ष लंबे वक्त तक टिके रहने वाला एक वृक्ष है। इस वृक्ष की जीवनकाल तकरीबन 150 से 200 तक माना जाता है।

इसकी पत्तियाँ हरे भरे रंग की होती है और इस वृक्ष की सतह बिल्कुल चिकनी होती है। नीम के वृक्ष की फ़ूल उजले रंगो में एक गुच्छो में निकलती है। इसका फ़ूल दिखने में काफ़ी आकर्षित और शानदार होते हैं।

इस वृक्ष के फ़ूलो में पांच पंखुरिया होते हैं। जब भी नीम के फ़ूल बाहर निकलते है तो इसकी कली उपर से बंद होती है। जिसके कुछ दिनों बाद ये पूरी तरह से खिल जाते हैं।

इन फूलों को भारत में कई हिस्सों में सेवन भी किया जाता है। नीम के फूलों का भी टेस्ट बिल्कुल कड़वा होता है परंतु ये हेल्थ के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होते हैं।

नीम का वृक्ष कहां-कहां पाए जाते हैं

दुनिया में आम तौर पर इस वृक्ष को सबसे अधिक इंडिया, पाकिस्तान,श्रीलंका, नेपाल, म्यानमार और इंडोनेशिया समेत और भी अन्य जगहो पर इसे अधिक मात्रा में पाया जाते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार हजारों साल से नीम के पेड़ के विभिन्न भागों का उपयोग कई तरह के रोगों के उपचार मे किया जाता है । यह पेड़ भारत के सड़कों , पार्कों मैदानों हर जगह आपको दिख जाएंगे ।

नीम के बीजों का इस्तेमाल

  • नीम के बीजों का इस्तेमाल चाय निर्माण करने के लिए किया जाता है। इसके बीजों से निर्माण चाय का सेवन करना आपके हेल्थ के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है। इस चाय से किडनी से जुड़ी समस्या को भी दूर किया जाता है। परंतु, बहुत सारे व्यक्ति इस चाय का ग्रहण नहीं कर पाते है। इसका कारण है कड़वा, जी हाँ यह काफ़ी कड़वा होता है।

नीम के ऑयल के लाभ

  • fungal infection जैसी समस्या में लाभाकारी है नीम का तेल 

नीम का ऑयल व्यक्ति के शरीर के लिए लाभदायक सिद्ध होता है। यदि आपके बॉडी में किसी भी अंग पर  fungal infection जैसी समस्या होता है, तो आपको अपने अंग पर नीम का तेल लगाना होगा, जिससे आपको काफ़ी लाभ प्राप्त हो सकता है क्योंकि यह अंग्रेजी मेडिसीन से भी बेहतर काम करता है।

  • बालो की समस्या से है परेशान तो इस्तेमाल करे नीम का तेल  

यदि आप भी अपने बाल झरने और टूटने से अब तंग आ गए है, तो अब आप अपने बालों को घने और मजबूत बनाने के लिए नीम के तेल का इस्तेमाल करें। क्योंकि नीम का तेल आपके बालों के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद सिद्ध हो सकता है।

  • घाव को ठिक करने के लिए करे नीम के तेल का इस्तेमाल  

क्या आपके शरीर पर भी छोटा सा घाव है और वो जल्दी छूटने का का नाम नहीं ले रहा और धीरे धीरे बड़ा होता जा रहा है जिससे घाव की समस्या गंभीर हो सकता है तो आपको घाव ठिक करने के लिए दवा के जगह पर नीम के तेल का इस्तेमाल करना होगा। क्योंकि नीम का तेल कोई भी घाव को जल्दी भरने में मददगार साबित होता है।

नीम के पत्ते के लाभ

  • डायबिटीज यानि कि मधुमेह जैसी गंभीर समस्या में नीम के पत्ते है फ़ायदेमंद  

डायबिटीज जैसी गंभीर रोग से अपना बचाव करने के लिए आपको नीम के पत्ते को प्रतिदिन सुबह चार से पांच कोपल जल से धोकर उसका सेवन करने से डायबिटीज जैसी गंभीर समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि नीम के इन पत्तो में anti biotic जैसे गुण भी होते हैं।

  • पिंपल जैसी समस्या का इलाज नीम के पत्ते 

पानी के कारण पिंपल जैसी समस्या हो जाती है और जब फ़ेस के पिंपल ठिक हो जाता है तब उसके दाग धब्बे दिखने लगते हैं। जिससे व्यक्तियों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है। यदि आपको भी ऐसी कोई समस्या होती है तो आप इससे छुटकरा पाने के लिए प्रतिदिन सुबह नीम के सोफ़्ट सोफ़्ट पत्ते को चबाना होता है।

Gardening मे नीम का इस्तेमाल

गार्डेनिंग के लिए नीम का तेल किसी वरदान से कम नहीं है , नीम के भागों का इस्तेमाल गार्डेनिंग मे कीटनाशक , फफूंदीनाशक व उर्वरक की तरह किया जाता है ।

नीम तेल के फायदे और उपयोग का तरीका जानने के बाद आप केमिकल युक्त कीटनाशकों का इस्तेमाल अपने गार्डेन मे जरूर नहीं करेंगे ।

नीम के नुकसान

1 . नीम के रस का सेवन प्रतिदिन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये आपके हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकता है।

2 . यदि आप नीम का इस्तेमाल किसी भी समस्या में करते हैं, तो इस्तेमाल से पहले आप अपने डॉक्टर की परामर्श जरूर लें।

3 . यदि आपकी स्किन सेंसेटिव है, तो आप नीम के तेल का उपयोग ना करें तो बेहतर होगा। क्योंकि यह आपके स्किन के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है।

इस पोस्ट के माध्यम से नीम के वृक्ष के फ़ायदे और नुकसान से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई है लेकिन आपसे निवेदन है कि किसी भी बीमारी में इसका उपयोग करने से पहले आप डॉक्टर से सलाह लेना मत भूलें।

आपको यह जानकारी कैसी लगी हमे कमेन्ट करके जरूर बताएं , और नीचे दिये गए like बटन को जरूर दबाएँ , ऐसे ही पेड़-पौधों और गार्डेन से जुड़ी रोचक और उपयोगी जानकारी के लिए hindigarden.com से जुड़े रहें , धन्यवाद ।

Happy Gardening..

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