अब आपका एलो वेरा का पौधा खराब नही होगा | एलोवेरा कैसे लगाएँ | Aloe vera Care in Hindi

Aloe vera Care in Hindi

एलोवेरा प्लांट का वानस्पतिक नाम : Aloe vera

फैमिली : Asphodelaceae

एलोवेरा प्लांट के कॉमन नेम : एलो, True Aloe , First Aid Plant

एलोवेरा प्लांट का परिचय

एलोवेरा को हिन्दी मे घृत कुमारी , क्वार गंदल या ग्वार पाठा आदि नामों से भी जाना जाता है । इसको सालों से गाव देहात में लगाया जाता रहा है जहां यह बिना किसी केयर के अपने आप बढ़ता रहता है ।

पिछले कुछ सालों से इसे शहरों में सजावटी पौधे की तरह भी लगाया जाने लगा है , इसलिए Aloe vera Care in Hindi मे आज एलोवेरा के बारे में काफी जानकारी शेयर की जाएगी ।

गूदेदार या fleshy पत्तियों के कारण इसे succulents वर्ग में भी रखा गया है ।

एलो वेरा को उसके चिकित्सीय फ़ायदों की वजह से घरों में लगाने के लिए कहा जाता है , आप इसे first aid kit भी कह सकते हैं ।

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एलोवेरा प्लांट का Origin

एलोवेरा का origin अरब प्रायद्वीप में माना जाता है पर व्यापक रूप से यह उष्ण कटिबंधीय (tropical), उपोष्ण कटिबंधीय (subtropical) व सूखे arid climates में उगता है ।

दुनिया के कई हिस्सो में सैकड़ों सालों बड़े पैमाने पर दवाओ के लिए इसकी खेती की जाती है , इसके अलावा decorative purpose से भी यह उगाया जाता है ।

इसके हरे रंग के गूदेदार लंबी पत्तियाँ बहुत क्यूट लगती हैं इसी कारण indoor plant के रूप में इसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है ।

ज़ेड प्लांट कहाँ से खरीदें

एलोवेरा प्लांट आपके आसपास की नर्सरी पर आसानी से मिल सकता है ।

इसके अलावा आप online aloe vera plant ऑर्डर कर सकते हैं ।

यह भी पढ़ें : एलो वेरा की खेती से कैसे कुछ लोग लाखों कमा रहे हैं

एलोवेरा की केयर कैसे करें Aloe vera Care in Hindi

प्रकाश Light

ज्यादा से ज्यादा Bright Indirect Light एलोवेरा प्लांट की अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है । इसलिए यह एक ऐसे shelf या window पर बेस्ट करते हैं जहां सूरज की रोशनी आती हो ।

एलोवेरा प्लांट को अच्छे से फलने फूलने के लिए रोज 4-5 घंटे की अच्छी bright indirect धूप की आवश्यकता रहती है ।

पौधे को गर्मियों की तेज़ direct sunlight से बचा के रखें नही तो इसकी पत्तियाँ जल सकती हैं ।

Indoor रखे eloe vera भी भी बीच बीच में indirect sunlight में रख देना चाहिए , वैसे indoor ऐसी जगह बहुत दिन न रखें जहां प्रकाश बहुत कम आता हो ।

पानी Water

इसे पानी देने में कुछ दिनों का gap रखा जा सकता है एलोवेरा प्लांट में पानी डालने के पहले यह देख लें की मिट्टी की ऊपरी सतह सूख गई हो । कभी भी इसकी मिट्टी को बहुत ज्यादा समय तक गीला न रखें अन्यथा जड़ों के खराब होने का खतरा बन सकता है ।

Succulents होने के कारण इसकी मोटी पत्तियाँ स्वयं ही पानी को अवशोषित कर के रख सकती हैं इसलिए अगर कुछ दिन आप इसे पानी नहीं दे पाते तो भी यह खराब नही होगा ।

यहाँ यह ध्यान रखने वाली बात है कि  गर्मी के दिनों में जब तापमान 35 डिग्री से ज्यादा होने लगे एलोवेरा प्लांट को पानी की आवश्यकता बढ्ने लगती है , ठंड के मौसम में बहुत कम पानी से भी काम चल जाता है ।

जब भी पानी दें तो पर्याप्त मात्रा में दें और तब तक दें जब तक पानी पॉट में नीचे hole से निकलने न लगे । अगर बिना hole के पॉट में लगाया है तब इतना ही पानी दें जिससे कि मिट्टी नम हो जाए ।

एलो वेरा खेत
एलो वेरा की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है ।

तापमान Temperature

एलोवेरा प्लांट की केयर जानने के लिए इसको किस तापमान में रखना है ये जानना बहुत जरूरी है।

गरम जलवायु मे पनपने के कारण यह ज्यादा तापमान में रहना पसंद करता है ।20 से 25 डिग्री C का तापमान या कहें एक सामान्य room temperature एलोवेरा प्लांट के लिए आदर्श है ।

अगर ज्यादा तापमान में रखा गया है तो अच्छा ये होगा कि किसी shaded जगह पर रखें जहां indirect bright light आती हो ।

ठंड के मौसम में 5 डिग्री C से नीचे तापमान जाने पर इसको बाहर न रखें अन्यथा इसकी पत्तियाँ खराब होने लगती हैं और यह मर भी सकता है ।

मिट्टी Soil Mix

Aloe vera के अच्छी देखभाल के लिए उसकी मिट्टी या Potting Soil का सही होना बहुत जरूरी है जो नमी को ज्यादा न रोके ।

चूंकि Aloe vera के मरने का सबसे बड़ा एक कारण overwatering है इसलिए हमे ऐसी मिट्टी तैयार करना होगा जिसमें Overwatering से बचाव का इंतजाम हो मतलब ऐसी मिट्टी जो Well-drained और Porous हो ।

इन 3 materials का इस्तेमाल एक अच्छे succulents mix के रूप में किया जा सकता है –

1॰ Well drained potting soil

2॰ Coarse Sand (मोटा बालू बिना छाना हुआ)

3॰ Perlite और कोयला के छोटे टुकड़े

इसके अलावा Cinder या खंगर मिल जाए तो ये बहुत ही अच्छा potting मिक्स के रूप मे use हो सकता है ।

आर्द्रता Humidity

चूंकि यह पौधा मूल रूप से dry और arid places पर पाया जाता है इसलिए इसके लिए low humidity अच्छा रहता है ।

मिट्टी और वातावरण सूखा रहने पर एलोवेरा प्लांट अच्छा करते हैं ।

खाद Fertilizer

जब तापमान ज्यादा होता है तब एलोवेरा प्लांट सक्रिय रूप से growth कर रहा होता है इसलिए ठंड के बाद इसको भरपूर feeding की आवश्यकता रहती है ।

महीने में एक बार एलोवेरा प्लांट को liquid fertilizer देना जरूरी होता है इसके लिए आप घर पर ही liquid fertilizer बना सकते हैं या फिर seaweed fertilizer का इस्तेमाल कर सकते हैं।

जब भी पौधे को खाद देना हो पौधों को कुछ समय पूर्व पर्याप्त रूप से पानी दें ताकि जड़ व मिट्टी moist हो जाए ; इससे जड़ों को मजबूती प्रदान होती है और तरल खाद को जड़ों द्वारा अच्छे से absorb किया जा सकता है ।

एलो वेरा खेत
टेबल डेकोरेशन के लिए एलो वेरा के छोटे पौधों का काफी प्रयोग होता है ।

एलोवेरा प्लांट propagate कैसे करें

एलोवेरा प्लांट को propagate करना बहुत ही आसान है । आमतौर पर इसके पुराने पौधे के आसपास नए पौधे निकलते दिख जाते हैं ।

इन नए पौधों जिंका साइज़ 3-4 इंच के आसपास हो या इससे बड़े भी हो सकते हैं उन्हें आप हल्के हाथों से निकाल कर नए पॉट में लगा सकते हैं , इसके पहले मिट्टी थोड़ी गीली जरूर कर लें ।

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