12 पोषक तत्व खनिज जो पौधों के लिए बहुत जरूरी हैं | nutrition for plants in hindi

nutrition for plants in hindi

आज हम Paudhon ke Liye Jaroori 12 Poshak Tatva में इन 12 Important Minerals की जानकारी साझा करेंगे ।

जैसे हम इन्सानों को स्वस्थ रहने के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है वैसे ही पौधों को भी स्वस्थ रहने के लिए तथा फूल, फल और बीज के निर्माण के लिए पोषक तत्वों या खनिजों की आवश्यकता रहती है ।

 

इस जानकारी के दौरान आपको ऐसा लग सकता है जैसे कि आप Chemistry कि एक क्लास मे दोबारा बैठे हैं पर ये जानकारी आपके काफी काम की होने वाली है ।

करीब एक-डेढ़ दर्जन खनिज या तत्व हैं जिनकी आवश्यकता अलग-अलग तरह से पेड़ पौधों को पड़ती है कुछ को वो खुद से प्राप्त कर लेते हैं , कुछ को हमें अलग से देना पड़ता है ।

भूमि पर लगे पौधों मे पोषक तत्व

भूमि में लगे पौधों तथा Pot में लगे पौधों की आवश्यकता तो एक जैसी होती है पर भूमि में लगे पौधों में ये फायदा होता है कि वे भूमि से भी काफी मात्रा में पोषक तत्व अवशोषित कर लेते हैं ।

भूमि में लगे पौधे अपनी जड़ों को दूर दूर तक फैला सकते हैं तथा आसपास मौजूद पोषक तत्वों को अपनी जरूरत के अनुसार खींच सकते हैं ।

वैसे इसका ये मतलब नहीं कि इन्हें अलग से खाद इत्यादि देने कि जरूरत नहीं होती , समय समय पर इन्हें खाद दिया जाना जरूरी है ।

गमले (Pot) में लगे पौधों में पोषक तत्व

शहरों में जगह कि कमी होने तथा खूबसूरती बढ़ाने हेतु काफी समय से घरों में , कार्यालयों में ,दुकानों में पौधे गमलों में लगाए जाते हैं ।

Pot सीमित जगह होने के कारण पौधों के लिए सभी आवश्यक तत्व अलग से ही उपलब्ध करना होता है , मिट्टी में कई तत्व स्वयं ही उपलब्ध रहते हैं फिर भी अच्छी Growth और फूलों के लिए अन्य पोषक तत्व देना जरूरी होता है ।

कार्बन , हाईड्रोजन और ऑक्सीज़न पौधे वातावरण कि हवा और पानी से ले लेते हैं इनके अतिरिक्त 12 खनिज (Minerals) या Nutrients ऐसे हैं जो पौधों को अलग से लेना होता है।

निम्न Poshak Tatva Chart से आपको एक त्वरित आइडिया लग सकता है ।

Paudhon ke Liye Jaroori 12 Poshak Tatva
पौधों के लिए आवश्यक 12 पोषक तत्व , 12 Important Minerals for Plants

इन 12 तत्वों को हम 3 भागों में बाँट कर समझ सकते हैं –

प्राथमिक खनिज , द्वितीयक खनिज तथा सूक्ष्म खनिज

Paudhon ke Liye Jaroori 12 Poshak Tatva को तीन हिस्सो में रखा गया है

प्राथमिक खनिज Primary Minerals (3)

पौधों में एक निरंतर Growth के लिए इन 3 तत्वों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है , इनकी मात्रा पौधे के जीवन चक्र में अलग अलग समय पर जरूरत के अनुसार अलग अलग होती है ।

इन 3 प्राथमिक खनिजों में नाइट्रोजन , फास्फोरस और पोटेशियम आते हैं , इन्हें Short में आपने कई जगह NPK के रूप में पढ़ा या सुना होगा ।

बाज़ार में NPK जरूरत के अनुसार तीनों का अलग अलग अनुपात में Mixture भी मिलता है। वैसे इसको घर पर भी किचन के Waste से तैयार किया जा सकता है, जिसकी जानकारी आगे के पोस्ट में दी जाएगी।  

नाइट्रोजन Nitrogen

वातावरण में 70% से ज्यादा नाइट्रोजन पाया जाता है और ऑक्सीज़न 21% के आसपास फिर भी पौधा ऑक्सीज़न हवा से ले लेता है पर नाइट्रोजन नहीं ले पाता ।

वातावरण या हवा के अतिरिक्त नाइट्रोजन भूमि में भी प्रचुर मात्र में पाया जाता है पर पौधे भूमि से भी नाइट्रोजन अवशोषित नहीं कर पाते हैं ।

पौधों की जड़ों द्वारा ही ज़्यादातर नाइट्रोजन का अवशोषण होता है इसीलिए पौधों में एक अच्छा जड़ तंत्र विकसित करने पर ज़ोर दिया जाता है ।

जब पौधे नाइट्रोजन भूमि से खींचते हैं तो नाइट्रोजन से अमीनो एसिड बनता है, यह एक प्रोटीन है और इसी से सभी Cells का निर्माण होता है ।

नाइट्रोजन क्लोरोफिल (C₅₅H₇₂O₅N₄Mg) का एक महत्वपूर्ण अवयव है । क्लोरोफिल से ही सूर्य के प्रकाश से पौधे के लिए भोजन का निर्माण होता है ।

कमी के लक्षण – पत्तियाँ का पीला होना , पहले सबसे पुरानी पत्तियाँ पीली होने लगती हैं अन्य पट्टियों का हरापन कम होने लगता है ।

Natural Source – घास या पट्टियों का कम्पोस्ट , जानवरों जैसे गाय , भैंस , घोड़े आदि के गोबर की खाद ; कॉफी Grounds आदि

फास्फोरस Phosphorus

पौधे के Root System को मजबूत करने ,तने (stem) व डंठल (stalk) को सुदृढ़ करने में सहायता करता है ।

पौधे में फूल निकलते समय फास्फोरस की ज्यादा जरूरत होती है , अच्छे बीज निर्माण के लिए भी यह आवश्यक है ।

ATP का महत्वपूर्ण अवयव होने के कारण इसे पौधे का Power Station कहा जाता है , यह पौधे मे ऊर्जा के Transfer में मुख्य भूमिका निभाता है ।

फास्फोरस के कारण ही नाइट्रोजन का परिवर्तन अमीनो एसिड में होता है जिसके बाद प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया प्रारम्भ होती है ।   

कमी का असर – नई पत्तियाँ की Tip मुरझाई सी लगती है , पुरानी पत्तियाँ भी dark होने लगती हैं।

Source – मरे जानवरों की हड्डियों से निर्मित Bone meal फास्फोरस का सबसे अच्छा स्रोत है ।

पोटेशियम Potassium  

पत्तियों में अति सूक्ष्म Holes होते है जिन्हें Stomata कहा जाता है , इन्हीं Stomata की सहायता से पौधे सांस लेते हैं जिसमें वो कार्बन डाई ऑक्साइड गैस को भीतर लेते हैं ।

पोटाश और पानी की उपस्थिती में स्टोमेटा सही से कार्य करता है तथा CO2 गैस प्रचुर मात्र में पौधे में प्रवेश कर पाता है ।

जब कभी हम पौधों को किसी कारणवश पानी नहीं दे पाते हैं उस समय पौधे मे मौजूद पोटाश ही पौधों को सूखने से बचाता है ।

फूल खिलने के समय पोटाश ही प्रेरक का कार्य करता है जिससे Starch और Sugar का निर्माण तेज़ होता है जो अच्छे फूल खिलने में सहायक होते हैं ।

कमी के लक्षण -पोटाश की कमी से पत्तियाँ मुरझाई सी लगती है , फूलों की growth अच्छी नहीं होती ।

Source – जली हुई लकड़ी की राख , सल्फेट ऑफ पोटाश

द्वितीयक पोषक तत्व Secondary Minerals (3)

Paudhon ke Liye Jaroori 12 Poshak Tatva के अंतर्गत पौधों के लिए आवश्यक Secondary Minerals में कैल्शियम , सल्फर और मैग्नीशियम को रखा गया है। भूमि में ये तत्व प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं पर Containers में पौधे उगाने पर इनकी अलग से खुराक देने की आवश्यकता रहती है ।

कैल्शियम Calcium

जैसे हम मनुष्यों में कैल्शियम की आवश्यकता हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए होता है वैसे ही पौधों को मजबूत कोशिकाओ और अच्छी जड़ों के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है ।

कैल्शियम अन्य Important Minerals को जड़ों से पौधे के अन्य भागों पत्तियों और फूलों तक पहुंचाता है ।

कमी के लक्षण – पौधे की बिलकुल Top पर नई पत्तियाँ बिगड़े हुये आकार में दिखाई पड़ती हैं ।

Source – चुना कैल्सियम का एक अच्छा स्रोत है ,इसके अलावा अंडे के छिलके भी प्रयोग किए जा सकते हैं ।

सल्फर Sulfer

सल्फर का प्रमुख कार्य नाइट्रोजन को अमीनो एसिड व क्लोरोफिल मेन परिवर्तित करने मे मदद करना है , जिसके पश्चात पौधे में भोजन बनने की प्रक्रिया शुरू होती है ।

सल्फर ग्रोथ एंजाइम्स को Activate करता है तथा फूलों और फलों में सल्फर के कारण ही उनको सुगंध और स्वाद प्राप्त होता है ।

कमी के लक्षण – सल्फर की कमी से नई पत्तियाँ पीली पड़ जाती हैं इसके बाद पुरानी पत्तियाँ भी पीली होने लगती हैं ।

Source – कपोस्ट आदि में प्रचुर मात्रा में सल्फर पाया जा सकता है । प्याज़ के छिलके का रस भी अच्छा स्रोत है जो आसानी से घर पर बनाया जा सकता है ।

मैग्नीशियम Magnesium

क्लोरोफिल (C₅₅H₇₂O₅N₄Mg) में यह एक प्रमुख अवयव होने के कारण प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में मैग्नीशियम का अहम किरदार रहता है ।

पौधे के विभिन्न आयु काल में यह तरह तरह के एंजाइम्स Activate करवाता है ।

कमी के लक्षण – पुराने पत्ते किनारों पर पीले होने लगते हैं ।

Source – सेंधा नमक (Epsom Salt) के यह एक मुख्य हिस्सा है । Epsom Salt को मैग्नीशियम सल्फेट कहते हैं जो मैग्नीशियम के साथ सल्फर का भी अच्छा स्रोत है ।

सूक्ष्म पोषक तत्व Micro Minerals (6)

ऊपर बताए गए 6 Poshak Tatva के अलावा यह 6 तत्व भी पौधों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं पर इनकी अति सूक्ष्म मात्रा ही पौधों को चाहिए होती है ।

तांबा Copper

फूलों के बनने , फलों की गुणवत्ता और बीज के निर्माण मेन Copper की आवश्यकता रहती है ।

अमीनो एसिड को उन प्रोटीन्स में बदलता है जो नए Cells का निर्माण करते हैं ।

ज़िंक Zinc

यह Auxins एंजाइम्स का निर्माण करता है जो पौधे के तने को सीधा ऊपर जाने के लिए प्रेरित करता है ।

ज़िंक की ज्यादा मात्रा से पौधा अन्य पोषक तत्वों को ठीक से ग्रहण नहीं कर पाता है ।

आयरन Iron

मानव शरीर की तरह ही आयरन पौधों में भी ऑक्सीज़न का प्रवाह पौधे के प्रत्येक भाग में पहुंचाता है ।

शुगर और अन्य कार्बो हाइड्रेट के Metabolism में सहायता करता है ।

मैगनीज़ Manganese

पौधों मेन Germination व नई Growth करने वाले एंजाइम्स का यह एक महत्वपूर्ण अवयव है ।आयरन का Use पौधों मे मैगनीज द्वारा ही होता है ।

यह कार्बो हाइड्रेट के मेटाबोलिस्म में सहायता करता है ।आम तौर पर पौधों में इसकी कमी नहीं पायी जाती है ।

मोलिब्डेनम Molybdenum

फूलों में पराग या मधु बनाने वाले एंजाइम्स का यह महत्वपूर्ण घटक है ।

नाइट्रोजन और फास्फोरस के अवशोषण मे सहायता करता है ।

 

बोरॉन Boron

बोरॉन और कैल्सियम मिलकर Cell Wall का निर्माण करते हैं ।पौधों मे यह शुगर को हर भाग में पहुंचता है ।

यह पौधों में कैल्सियम के ग्रहण करने और अवशोषण करने में सहायता करता है ।

 

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