इमली के पेड़ की जानकारी और इमले के फायदे | Tamarind Tree in Hindi

भारत में सदियों से इस व्यंजन का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी भी प्रकार के व्यंजन में खटास लाने के लिए आम तौर पर इमली का इस्तेमाल किया जाता है। इमली का उपयोग गोलग्प्पे के पानी बनाने, चटनी बनाने या फिर किसी भी चीज में खटास लाने के लिए किया जाता है।

ये तो सभी जानते हैं लेकिन क्या आप इसके औषधीय गुण के बारे में जानते हैं, क्या आपको पता है कि इमली का इस्तेमाल कई प्रकार के बीमारियों को ठिक करने में किया जा सकता है, क्या आपको इससे होने वाली हानि के बारे में जानकारी है, यदि नही तो कोई बात नहीं क्योंकि आज के इस पोस्ट में हम इन सब के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले है।

इमली का वृक्ष  Tamarind Tree in Hindi

इमली का वानस्पतिक नाम  Tamarindus indica है , इमली का वृक्ष काफ़ी लंबा होता है जो 12 से 18 मीटर तक ऊंचा हो सकता है ।

इस वृक्ष के फ़ल जब कच्चे होते हैं, तो हरे रंग के दिखाई देते है लेकिन जब पक जाते हैं तो ये लाल रंग में चेंज हो जाते हैं।

इमली का टेस्ट केवल खट्टा या फिर खट्टा मीठा दोनों हो सकता है। इमली का वृक्ष भारत में हर जगह पाया जाता है चाहे वे सड़क किनारे हो, कोई बगीचा हो या फिर मैदान इत्यादि। इस पेड़ को तैयार होने में 8 वर्ष लगते हैं जिसके बाद इस वृक्ष में फ़ल आने शुरू हो जाते है।

भारत के अलावा यह अफ्रीकी देशों मे भी बड़ी मात्रा मे पाया जाता है , भारत इमली का सबसे बड़ा उत्पादक देश है ।

इमली के पेड़ में जब फ़ल निकलते है तब वे सिर्फ़ खट्टे होते हैं लेकिन जैसे जैसे वे पकने लगते हैं फ़ल में थोड़ी थोड़ी मीठास आने लगती है। बहुत लोग ऐसे है जो इमली के पत्ते की सब्जी और फ़ूलो की चटनी बनाकर इसका सेवन करके भी इसके मजे लेते हैं।

इमली के वृक्ष की लकडियां भी काफ़ी स्ट्रॉन्ग होती है। इसलिए इसे काटकर कुल्हाड़ी इत्यादि जैसे सामग्री का निर्माण किया जाता है।

Tamarind Tree in Hindi
इमली का पेड़

इमली के वृक्ष की औषधीय गुण क्या-क्या है

सदियों से इस्तेमाल किए जाने वाली इमली एक औषधि है जिसका इस्तेमाल घाव भरने, सूजन, बुखार, नेत्र से जुड़ी बीमारी और मलेरिया जैसी बीमारियों में किया जाता है।

यही नहीं बल्कि इसका उपयोग कब्ज, पेट से जुड़ी बीमारियों, पेचिश और कृमि जैसी बहुत सारे रोगो में भी फ़ायदेमंद साबित होता है।

Benefits of Tamarind – इमली के लाभ

इमली के लाभ जानने से पहले आपको अवगत करा दे कि यदि आप इमली का इस्तेमाल किसी बीमारी में कर रहे हैं, तो आप अपने निजी डॉक्टर से राय लेना मत भूले और यदि आप गम्भीर समस्या का सामना कर रहे हैं, तो आप चिकित्सा में जाकर इसका ट्रीटमेन्ट अवश्य कराए :-

  • आँखो से जुड़ी रोग के लिए इमली का पेड़ है फ़ायदेमंद

इमली का वृक्ष आँखो से जुड़ी समस्या को सही करने में मददगार साबित हो सकता है। यदि आपके भी आँखो में किसी प्रकार जलन, किसी वजह से दर्द या फिर लालपन जैसी समस्या होती है, तो इन सब समस्याओं को ठिक करने के लिए आपको इमली के वृक्ष के पत्तो का इस्तेमाल करना चाहिए।

इसके अलावा अपने आँखो के दर्द और जलन से राहत पाने के लिए आपको इमली के जूस को मिल्क के साथ मिश्रण करना होता है और इसे अपने आँखो के पलको पर ध्यान पूर्वक लगाने होते है। आपको राहत अवश्य मिलेगा।

  • इमली के लाभ पाचन प्रक्रिया में भी खुब उपयोगी है

इमली के वृक्ष में कुछ ऐसे भी पोषक तत्व मिलते हैं, जो हमारे पाचन शक्ति के लिए काफ़ी मददगार सिद्ध हो सकता है। इस इमली में पाए जाने वाले पोषक तत्वों हमारे शरीर में बाइल एसिड का कार्य करता है।

इसलिए यदि आपको पाचन से जुड़ी कोई समस्या होती है तो आप इमली की मदद ले सकते हैं। क्योंकि ऐसी समस्याओं से राहत दिलाने में इमली आपकी सहायता कर सकता है।

Tamarind Tree in Hindi
इमली का नन्हा पौधा
  • मधुमेह जैसी गम्भीर रोग में इमली के फ़ायदे

मधुमेह जैसी गंभीर समस्याओं में राहत पाने के लिए आप इमली का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि फ्लेवोनोइड और पॉलीफेनोल जैसे गुण इमली के बीज के अर्क में काफ़ी अधिक मात्रा में मिलते हैं।

यही नहीं एन्टी-डायबिटीक जैसे गुण भी इमली में पाए जाते है। ये सब गुण पाए जाने वाले इमली का इस्तेमाल आप अपने डायबिटीज को कन्ट्रोल करने के लिए कर सकते हैं।

  • गठिया जैसी रोग में इमली के लाभ

यदि आप अपने गठिया जैसी बीमारियों के सिनटम को कम करना चाहते हैं, तो आप औषधीय गुण से भरपूर इमली का इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि आप अपने गठिया जैसी बीमारियों में इमली के बीज का प्रयोग करते है, तो आपके लिए काफी लाभदायक सिद्ध हो सकता है।

  • कब्ज और पेट दर्द से छुटकारा पाने के लिए इमली का करे उपयोग

यदि आपको कब्ज जैसी समस्या होती है, तो आपको थाई इमली के गूदे का अर्क का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे आपको काफ़ी लाभ प्राप्त हो सकता है। यदि आपको कभी भी पेट दर्द या कब्ज जैसी समस्या होती है, तो आप इमली का सेवन करें जिससे आपको जल्द ही राहत मिल सकता है।

Tamarind Tree in Hindi
इमली का फल
  • घाव या सूजन जैसी समस्या में इमली दिलाएगा राहत

सूजन जैसी समस्या को दूर करने वाला गुण इमली में पाया जाता है। इमली का इस्तेमाल आपको घुटने के दर्द से राहत दिलाने में भी मददगार सिद्ध हो सकता है।

इमली के बीज को सबसे पहले आप बेहतर ढंग से कूटकर इसका पाउडर बना ले फ़िर आप इस पाउडर को खाने या फिर किसी भी चीज का सेवन करने से पहले उसमे मिश्रण कर ले और इसका सेवन कर ले आपको जल्द ही राहत प्राप्त होगा।

किसी कीरे या फिर आम तौर पर होने वाले घाव को ठिक करने के लिए आपको गेहूँ के आटे में इमली के रस और उसके पत्ते के रस को मिश्रण करना होता है जब ये अच्छे से मिश्रण हो जाए तब आप इसमे थोड़े से नमक का भी इस्तेमाल कर ले।

जब इसका लेप अच्छे से तैयार हो जाए तब आप अपने घाव वाले स्थान पर इसका लेप करे आपको जल्द ही लाभ होगा।

इमली के नुकसान

  • यदि आपको इमली से किसी प्रकार की एलर्जी होती है जैसे की खुजली, उल्टी, चकत्ते, सूजन या फिर चक्कर जैसी कोई समस्या होती है, तो आप इमली का सेवन ना ही करे तो आपके लिए सही होगा।
  • अगर आप खून को पतला करने वाले किसी मेडिसिन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपको इमली का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसमें खून को पतला करने वाला पोषक तत्वों पाए जाते हैं।

आपको यह जानकारी कैसी लगी हमे कमेन्ट करके जरूर बताएं , और नीचे दिये गए like बटन को जरूर दबाएँ , ऐसे ही पेड़-पौधों और गार्डेन से जुड़ी रोचक और उपयोगी जानकारी के लिए hindigarden.com से जुड़े रहें , धन्यवाद ।

Happy Gardening..

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