मेसवाक का पेड़ कैसा होता है और उसके क्या फायदे होते हैं | Miswak Tree in Hindi

मेसवाक का पेड़ Miswak Tree

मेसवाक एक कांटेदार पेड़ होता है। मेसवाक के वृक्ष के फल मीठे और टेस्टी होते हैं। मेसवाक को हिंदी में पीलू तथा पीला के नाम से भी लोग जानते हैं। आपने कभी न कभी मेसवाक के वृक्ष को देखा जरूर होगा,  लोग तो इस वृक्ष के दातुन का भी इस्तेमाल करते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं मेसवाक का इस्तेमाल विभिन्न रोगों को दूर करने में भी किया जाता है। यदि आप मेसवाक विभिन्न फायदे के बारे में नहीं जानते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

मेसवाक का पेड़ कैसा होता है

मेसवाक के वृक्ष की ऊंचाई लगभग 2 से 3 मीटर होता है। मेसवाक के वृक्ष के फल जब कच्चे होते हैं, तो हरे रंग के और बकने के बाद लाल रंग के हो जाते हैं। इस वृक्ष के हर फल में बीज होते हैं। यदि आप इसके फलों को मसलते है तो इसमें से तेज महक आती है।

Miswak ka ped
मिसवाक का पेड़

मेसवाक के वृक्ष का वानस्पतिक नाम क्या है

मेसवाक के वृक्ष की वानस्पतिक नाम Salvadora persica है। यह वृक्ष सैल्वैडोरेसी कुल का होता है।

जीनस का नाम फ्रांसीसी वनस्पतिशास्त्री लॉरेंट गार्सिन ने 1749 में एक स्पेनिश औषधालय, Juan Salvador y Bosca के नाम पर रखा था। प्रकार का नमूना फारस(Persia) में एकत्र किया गया था, इसलिए प्रजाति का नाम पर्सिका है।

इस वृक्ष को अन्य विभिन्न नामों से जानते हैं, जो कि इस प्रकार है :-

  • हिंदी : हिंदी भाषा में इस वृक्ष को छोटा पीलू, पीलू और खरजाल के नाम से जानते हैं।
  • अंग्रेजी : अंग्रेजी में इस वृक्ष को Meswak, Saltbush tree, Tooth brush tree और Mustard tree कहते हैं।
  • गुजरात : गुजराती भाषा में इस वृक्ष को खरि जाल और पीलू कहते हैं।
  • पंजाबी : पंजाबी भाषा में इस वृक्ष को झाल और पीलू के नाम से जानते हैं।
  • संस्कृत : संस्कृत भाषा में इस वृक्ष को गुडफल्, सहस्राक्षी, पीलू, शीतफल, करभवल्लभ, शीतसह, गौली, स्रीं, शीत और पीलूक के नाम से जानते हैं।
  • नेपाली : नेपाली भाषा में इसको पीलु कहते हैं।

मेसवाक कहां पाया जाता है ?

भारत के अलावा यह परसिया यानि ईरान , मिडल ईस्ट मे बहुतायत मे पाया जाता है । आम तौर पर मेसवाक का वृक्ष भारत में राजस्थान, बिहार, सिंघ और कर्नाटक इत्यादि जैसे शुष्क राज्यों में उगाया जाता है। इस वृक्ष की ऊंचाई लगभग 6 से 7  मीटर तक रहती हैं।

Miswak ka ped
मिसवाक की पत्तियाँ

मेसवाक के औषधीय गुण क्या है ?

मेसवाक के औषधीय इस्तेमाल, इस्तेमाल की मात्रा एवं इसकी प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है :-

सफेद दाग में मेसवाक के फायदे 

यदि आपको भी सफेद दाग की समस्या है, तो उसके लिए आपको आरग्वध पत्ते, नीम, मेसवाक, दारुहरिद्रा, कनेर बीज, तिल्वक, विडंग, हरिद्रा, छोटे या बड़े कटेरी को पानी के साथ पीसना होता है। यदि आप इस लेप को तैयार कर इसका इस्तेमाल सफेद दाग पर नियमित रूप से करते हैं, तो जल्द ही आपको सफेद दाग से छुटकारा मिल जाएगा।

मुंह के छाले की समस्या में मेसवाक के फायदे 

यदि आपके मुंह में छाले की समस्या है, तो आपको उससे छुटकारा पाने के लिए मेसवाक का इस्तेमाल करना चाहिए। यदि आप पीलू के वृक्ष के फल का सेवन करते हैं, तो इससे आपके मुंह के छाले बिल्कुल ठीक हो जाएंगे।

बवासीर  में मेसवाक के लाभ 

1 . यदि आपको भी बवासीर जैसे रोग है, तो इस रोग से निजात पाने के लिए आपको हर रोज सुबह 7 बजे एक मंथ तक मेसवाक को अकेले या फिर आप चाहे तो छाछ के साथ ग्रहण कर सकते हैं। इस उपाएं से पेट से संबंधित गैस, बवासीर, गुदा विकार, पाचन विकार इत्यादि में लाभकारी सिद्ध होता है।

2 . मेसवाक के ऑयल में रूई भिगोके यदि आप गुदा पर रखते हैं, तो इससे बवासीर जैसे रोग में लाभ होता है।

सूजाक उपचार के लिए मेसवाक का करें इस्तेमाल 

यदि आपको भी सुजाक जैसे समस्या है, तो उसके लिए आपको मेसवाक का इस्तेमाल करना चाहिए। सुजाक जैसे समस्या को दूर करने में पीलू का इस्तेमाल करना काफी लाभकारी सिद्ध होते हैं। इसके लिए आपको 10 से 40 मिली मेसवाक का जड़ का काढ़ा तैयार करना होगा। फिर आपको इस काढ़े को पीने की आवश्यकता होती है। इससे सुजाक में काफी फायदा होता है।

सांसों की रोग में पीलू के फायदे 

यदि आपको सांसो की बीमारी है, तो आपको उसके लिए पीलू का इस्तेमाल करना चाहिए। सांसों की बीमारी को ठीक करने के लिए आपको मेसवाक के पत्तियों का काढ़ा बनाकर इसके 10 से 20 मिली मात्रा में सेवन करने से आपके सांस फूलने की समस्या और खांसी जैसी परेशानी में भी फायदा होता है।

पेट के फूलने की समस्या में मेसवाक के फायदे 

बहुत लोगों को पेट के फूलने की समस्या होती है। लेकिन उन्हें इसका जल्द से जल्द उपचार करना चाहिए। यदि आपको भी पेट के फूलने की समस्या होती है, तो आपको मेसवाक का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके लिए आपको मेसवाक के पेस्ट से पकाए हुए घी की आवश्यकता होगी। यदि आप नियमित रूप से इस घी का सेवन करते हैं, तो आपको पेट के फूलने की समस्या में जरूर फायदा होगा।

मुंह के बीमारी में मेसवाक के फायदे 

यदि आपके दांत और मसूड़े कमजोर हैं, तो आपको उसके लिए मेसवाक की लकड़ी का दातुन बना कर मुंह धोने की आवश्यकता होती है। इससे आपके मसूड़े और दांत मजबूत होते हैं। और यादि किसी व्यक्ति के मुंह से बदबू आने की समस्या होती है, तो उसे भी इस दातुन का इस्तेमाल करना चाहिए।

शरीर के दर्द में मेसवाक का करें इस्तेमाल 

यदि आपके शरीर में दर्द जैसी समस्या होती है, तो उसके लिए आपको मेसवाक के पत्तियों को जैतून के तेल में पकाकर छानना होता है। उसके बाद आप इस ऑयल से अपने दर्द वाली जगह पर अच्छे से मालिश करें जिससे दर्द की समस्या खत्म हो जाएगी।

ज्यादा प्यास लगने की परेशानी में मेसवाक का करें इस्तेमाल 

बहुत व्यक्ति ऐसे होते हैं जिन्हें अल्कोहल का सेवन करने के पश्चात ज्यादा प्यास लगने की परेशानी होती है। उनके गला जल्दी जल्दी सूखने लगता है। ऐसे में उन्हे मेसवाक के रस का ग्रहण करना चाहिए। इसके सेवन से आपकी ज्यादा प्यास की समस्या खत्म हो जाती है।

मेसवाक के वृक्ष की कौनकौन से हिस्से का इस्तेमाल कर सकते हैं 

  • मेसवाक के फल
  • मेसवाक के पत्ते
  • मेसवाक के जड़
  • मेसवाक के फूल
  • मेसवाक के तना

मेसवाक का इस्तेमाल कितनी मात्रा में करना चाहिए 

यदि आप पीलू का इस्तेमाल किसी रोग को ठीक करने के लिए करना चाहते हैं, तो उसके लिए आप अपने डॉक्टर की सलाह ले लें की इसे कितनी मात्रा में लेना चाहिए। डॉक्टर के परामर्श के अनुसार ही आप इस पीलू का इस्तेमाल करें।

आपको यह जानकारी कैसी लगी हमे कमेन्ट करके जरूर बताएं , और नीचे दिये गए like बटन को जरूर दबाएँ , ऐसे ही पेड़-पौधों और गार्डेन से जुड़ी रोचक और उपयोगी जानकारी के लिए hindigarden.com से जुड़े रहें , धन्यवाद ।

Happy Gardening..

Leave a Comment