अलसी बीज के फायदे क्या है अलसी से जुड़ी अन्य जानकारी | Flax seed in Hindi

Flax seed in Hindi

अलसी हम के सभी घरों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अलसी खाने से जहां हमारे शरीर के बहुत से रोग दूर हो जाते हैं। वहीं बाजार में Flax Seed की कीमत भी बहुत अधिक होती है। इसकी खेती करने वाले लोग आम फसलों के मुकाबले कई गुना मुनाफा कमाते हैं। Flax seed in Hindi

आज अपने इस Article में हम आपको अलसी की खेती के बारे में बताने जा रहे हैं, साथ ही अलसी के फायदे और नुकसान से भी आपको अवगत करवाएगें। तो चलिए शुरू करते हैं ।

अलसी के बीज खाने के फायदे Flax seed in Hindi benefit

आप अपने घरेलू व्यंजनों में अलसी का प्रयोग करते होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि अलसी का इस्तेमाल करने से क्या फायदे मिलते हैं, अगर आपका जवाब नहीं है तो चलिए हम आपको अलसी के बीज के फायदे बताते हैं

नींद ना आने की समस्या

अगर आपको नींद नहीं आती है, तो इसके लिए आप अलसी का सेवन कर सकते हैं। आप अलसी व एरंड को समान मात्रा में मिला लें और कांसे की थाली में इसे रखकर पीस ले,  उसके बाद इसे आंखों में काजल की तरह लगाएं। इस तरह प्रयोग करने से आपको अच्छी नींद आएगी।

आंखों की समस्या में

आज के समय में बड़ों से लेकर छोटे बच्चों तक को आंखों की समस्या जैसे आंखों से पानी आना, आंख आना आदि का सामना करना पड़ रहा है। आंखों की इन समस्याओं को दूर करने के लिए अलसी के बीजों को फूलने तक पानी में डाले रखें और इसी पानी से आंखें धो ले। इससे आपको आंखों की समस्या से जल्द निजात मिलेगी।

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दर्द से आराम

अगर आपके शरीर के किसी भाग में दर्द या सूजन है तो आपको अलसी के द्वारा बनाई गई गीली दवा का प्रयोग करना चाहिए। आप एक भाग अलसी कूट लें और 4 भाग पानी लेकर उसमें पकाए, परंतु ध्यान रखें यह ज्यादा गाढ़ा ना हो इस में लचीलापन रहना चाहिए। इसके बाद दर्द या सूजन वाले भाग पर लगा ले इससे दर्द व सूजन में आराम मिलेगा।

कान में सूजन

कई लोगों को कान में सूजन की दिक्कत रहती है उनके लिए अलसी गुणकारी है। आप अलसी को प्याज के रस में अच्छी तरह पका कर छान लें और एक-दो बूंद तब तक डाले जब तक सूजन खत्म ना हो जाए।

थायराइड में लाभ

आजकल लोगों को थायराइड की समस्या का भी बहुत अधिक सामना करना पड़ रहा है अगर आप भी इस समस्या से पीड़ित हैं तो आप समान मात्रा में अलसी के बीज, शमी, सरसों, सहजन के बीज, सपा के फूल तथा मूली के बीज पीसकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को गले की गांठ पर लगा लें इससे थायराइड में लाभ मिलेगा।

बवासीर में आराम

जो लोग तला-भुना हुआ व मसालेदार खाना या शराब का सेवन करते है  उनको बवासीर की समस्या का सामना करना पड़ता है। आप इस समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो 5 से 7ML अलसी के तेल का सेवन रोजाना करें। इससे कब्ज ठीक होता है और बवासीर में आराम पड़ता है।

TB की समस्या से छुटकारा

जिन लोगों को टीबी की समस्या है वह 25 ग्राम अलसी के बीज पीसकर ठंडे पानी में रात भर भिगोकर रखें और सुबह हल्का गुनगुना करके उसमें नींबू का रस मिलाकर सेवन करें। इससे जल्दी टीबी की समस्या में आराम मिलेगा।

पेशाब से जुड़ी परेशानियां को ठीक करने के लिए भी अलसी फायदेमंद है। आप 50 ग्राम अलसी व 3 ग्राम मुलेठी कूट लें, फिर 250 ML पानी के साथ मिट्टी के बर्तन में इसे पकाएं। जब पानी की मात्रा 50 मिली रह जाए तो इसे छानकर इसमें 2 ग्राम कलमी शोरा मिलाएं। अब आप 2 घंटे के अंतराल पर 20 मिली मात्रा में पिएं।

जुकाम से आराम

जुकाम में भी अलसी का प्रयोग फायदेमंद है अलसी को महीन पीसकर तवे में धीमी आंच पर भूने। अच्छी तरह भूलने के बाद इसे पीस लें और समान मात्रा में मिश्री मिला लें। अब इसकी 5 ग्राम मात्रा लेकर सुबह व शाम गुनगुने पानी के साथ लें। इससे जुकाम की समस्या से निजात मिलेगा।

वातकफ में आराम

किसी को वात-कफ की समस्या, है तो वह 50 ग्राम भुनी अलसी के चूर्ण में 50 ग्राम मिश्री और एक चौथाई मिर्च मिलाकर सुबह 3 से 5 ग्राम की मात्रा में शहद के साथ सेवन करें।

तिल्ली की समस्या

जो व्यक्ति तिल्ली या पलीहा की समस्या से पीड़ित है वह 2 से 5 ग्राम अलसी के बीज भूनकर चूर्ण बना लें और शहद में मिलाकर रोजाना सेवन करें।

 जोड़ों के दर्द में आराम

अक्सर वृद्ध व्यक्तियों को जोड़ों के दर्द या गठिया की समस्या से जूझना पड़ता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए अलसी तेल की जोड़ों में मसाज करें।

कमर दर्द में आराम

कमर दर्द से परेशान लोगों को अलसी के तेल को गर्म कर उसे शुंठी के चूर्ण में मिला लेना है और उसके बाद कमर पर मालिश करें इससे कमर दर्द में आराम मिलता है।

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Flax seeds कहाँ से खरीदें

सेवन करने के लिए फ्लक्स सीड आप अपने एरिया के बढ़िया ग्रोसरी शॉप से खरीद सकते हैं , इसके अलावा आप online Flax seeds भी मंगा सकते हैं ।

अलसी खाने के नुकसान

हमने आपको अलसी के प्रयोग के कारणों के बारे में तो जानकारी दे दी लेकिन अलसी के सिर्फ फायदा नहीं है बल्कि उसके नुकसान भी हैं इसलिए अलसी का इस्तेमाल करने से पहले आप इसके नुकसान के बारे में भी जान लें तो चलिए बात करते हैं अलसी से होने वाले नुकसान।

कब्ज में

हमने आपको बताया कि कब्ज की शिकायत को दूर करने के लिए आप अलसी का प्रयोग करें, लेकिन अगर आप अलसी का प्रयोग उचित मात्रा में नहीं करते हैं तो इसका हानिकारक प्रणाम यह होता है कि आपको दस्त या लूज-मोशन लग सकते हैं।

BP की शिकायत

अलसी के प्रयोग से कई लोगों को एलर्जी की शिकायत भी होती है। अलसी को अधिक खाने से सांस लेने में समस्या ब्लड प्रेशर का कम होना और तीव्रग्रहिता जैसे एलर्जिक रिएक्शन होने संभव है। इसके अलावा पेट दर्द व उल्टी की शिकायत भी हो सकती है।

आंत की समस्या

अगर आप अलसी का सेवन करते हैं और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ नहीं लेते हैं, तो इससे आपकी आंतों में ब्लॉकेज की समस्या हो सकती है। अगर आपको आंतों में ब्लॉकेज की समस्या है तो आप अलसी का सेवन ना करें।

महावारी में

अलसी के बीज एस्ट्रोजन की तरह ही कार्य करते हैं। अगर कोई महिला अलसी के बीज का सेवन करती है, तो उनकी महावारी के साइकिल में बदलाव हो सकता है। इसके साथ अगर किसी महिला को हार्मोनल दिक्कत है तो उन्हें अलसी का बहुत ही सावधानीपूर्वक प्रयोग करना चाहिए। क्योंकि इसके प्रयोग से बांझपन की समस्या भी उत्पन्न होती है।

प्रेगनेंसी के दौरान

प्रेगनेंसी के दौरान कभी भी अलसी के बीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि अलसी के बीज खाने से माहवारी होती है, जोकि बच्चे और माता दोनों के लिए ही ठीक नहीं है। इससे आपका गर्भ गिर भी सकता है, इसलिए विशेषज्ञ अलसी के बीज प्रेगनेंसी के दौरान खाने के लिए मना करते हैं।

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खेत कैसे तैयार करें

अलसी की खेती के लिए खेत भुरभुरा होना चाहिए। इसके लिए दो तीन बार जुताई और ‘पाटा’ भी लगा होना चाहिए। ताकि खेत में नमी बनी रह सके।

बुवाई का समय

अलसी की बुवाई अक्टूबर से प्रथम सप्ताह से नंवबर से प्रथम सप्ताह तक की जा सकती है। हालांकि, अगेती बुवाई करने पर फसल को मक्खी एवं पाउडरी मिल्ड्यू से बचाया जा सकता है।

बीज की मात्रा

एक हेक्टेयर मे बुवाई करने के लिए आपको 20-25 किलो बीज की जरूरत पड़ेगी। इसके बीज को 2-3 CM गहराई पर बोना चाहिए। साथ ही कतार से कतार की दूरी 30CM रखनी चाहिए। जबकि पौधे की दूरी 5-7CM रखनी चाहिए।

अन्य जरूरी बातें

इस फसल में जरूरत के मुताबिक ही पानी दें। पहली सिचाई फूल आने पर और दूसरी सिंचाई दाना लगते समय करें। साथ ही खतरपरवार और कीटनाशक से फसल को बचाने के लिए जरूरी उपाय करें। अलसी की फसल की कटाई पौधे के सूख जाने पर ही करें, साथ ही इसकी मढ़ाई भी तुरंत कर दें। ताकि अलसी की बीज झड़े नहीं। सही पैदावार होने पर आप एक हेक्टेयर में 15-18 क्विंटल तक पैदावार ले सकते हैं।

आपको यह जानकारी कैसी लगी हमे कमेन्ट करके जरूर बताएं , और नीचे दिये गए like बटन को जरूर दबाएँ , ऐसे ही पेड़-पौधों और गार्डेन से जुड़ी रोचक और उपयोगी जानकारी के लिए hindigarden.com से जुड़े रहें , धन्यवाद ।

Happy Gardening..

writer : rohit yadav

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