8 सब्जियाँ जिनके बीज आप अप्रैल माह में लगा सकते हैं | अप्रैल में लगाई जाने वाली सब्जियाँ

अप्रैल में लगाई जाने वाली सब्जियाँ अगले कई महीनों तक आपको सब्जियों की सप्लाई करती रहेंगी और आपको बाज़ार से सब्जियाँ खरीदने की जरूरत शायद ही पड़े ।

आज हम यहाँ जानेंगे कि अप्रैल माह में किन सब्जियों के बीजों को हम बो सकते हैं । Seedling तैयार करने की विधि तथा पहले से मौजूद Seedlings और अन्य पौधों के देखभाल के लिए क्या क्या करना है।

उत्तर भारत में अप्रैल माह में तापमान लगभग 16 से 32 डिग्री C के बीच रहता है । सर्दियाँ खतम हो रही होती हैं और तापमान अब तेज़ी से बढ्ने लगता है ।

अप्रैल में लगाई जाने वाली सब्जियाँ

इस माह में इन सब्जियों के बीज की बुआई कर सकते हैं या Seedlings तैयार की जा सकती है । जिनसे गर्मी भर आप तरह तरह की सब्जियाँ घर पर ही पा सकते हैं और रसायन युक्त सब्जियों से अपने परिवार की रक्षा कर सकते हैं ।

1- करेला Bitter Gourd

उगाने का मौसम – उत्तर भारत – अप्रैल

उगाने का मौसम – दक्षिण भारत – जून-जूलाई

अंकुरण तापमान (° C में) – 20-30

बुवाई विधि – प्रत्यक्ष यानि direct बीज से लगा सकते हैं जहां भी उगाना है ।

बुवाई की गहराई (इंच) – 1

बुवाई दूरी (इंच / फीट) – बीज के बीच – 1 फीट, पंक्तियों के बीच – 4 फीट

परिपक्वता के दिन – 55-60 दिन

2- लौकी Bottle Gourd

उगाने का मौसम – उत्तर भारत – अप्रैल

उगाने का मौसम – दक्षिण भारत – जून-जुलाई

अंकुरण तापमान (° C में) – 20-30

बुवाई विधि – प्रत्यक्ष बुवाई की गहराई (इंच) – 1-2

बुवाई दूरी (इंच / फीट) – बीज के बीच – 1 फीट, पंक्तियों के बीच – 4 फीट

परिपक्वता के दिन – 60-80 दिन

3- सरसों Mustard 

उगाने का मौसम – उत्तर भारत : अक्टूबर-नवंबर , मार्च-अप्रैल

अंकुरण तापमान (° C में) – 16-30

बुवाई विधि – प्रत्यक्ष बुवाई की गहराई (इंच) – 1-1.5

बुवाई दूरी (इंच / फीट) – बीज के बीच – 8 इंच, पंक्तियों के बीच – 18 इंच

परिपक्वता के दिन – 45-50 दिन

मार्च में लगाई जाने वाली सब्जियों में से भी कुछ को आप अप्रैल में ट्राई कर सकते हैं ।

4- तुरई Ridge Gourd & Sponge Gourd 

उगाने का मौसम – उत्तर भारत : अप्रैल

उगाने का मौसम – दक्षिण भारत : जून –जुलाई

अंकुरण तापमान (° C में) – 20-25

बुवाई विधि – प्रत्यक्ष बुवाई की गहराई (इंच) – 1.0

बुवाई दूरी (इंच / फीट) – बीज के बीच – 10 इंच

परिपक्वता के दिन – 120-150 दिन।

5- टिंडा Indian Squash

उगाने का मौसम – उत्तर भारत : अप्रैल

उगाने का मौसम – दक्षिण भारत : जून –जुलाई

अंकुरण तापमान (° C में) – 20-30

बुवाई विधि – Direct

बुवाई की गहराई (इंच) – 1 इंच

बुवाई दूरी (इंच / फीट) – बीज के बीच – 1 फीट, पंक्तियों के बीच – 4 फीट

परिपक्वता के दिन – 55-60 दिन

यह भी पढ़ें : सब्जियों के लिए मिट्टी कैसे तैयार करें

6- पालक Spinach

उगाने का मौसम – उत्तर भारत – फरवरी-अप्रैल , जून –जुलाई

उगाने का मौसम – दक्षिण भारत – जून-जुलाई

अंकुरण तापमान (° C में) – 10-22

बुवाई विधि – प्रत्यक्ष बुवाई की गहराई (इंच) – 0.5

बुवाई दूरी (इंच / फीट) – बीज के बीच – 3 इंच, पंक्तियों के बीच – 9 इंच

परिपक्वता के दिन – 45-60 दिन।

7- गेंहू घास Wheat Grass

उगाने का मौसम – उत्तर भारत : अक्टूबर –नवंबर , मार्च –अप्रैल

उगाने का मौसम – दक्षिण भारत : अक्टूबर –नवंबर , मार्च –अप्रैल

अंकुरण तापमान (° C में) – 20-32

बुवाई विधि – प्रत्यक्ष बुवाई की गहराई (इंच) – 1.0-1.5 बुवाई दूरी (इंच / फीट) – बीज के बीच – 1 इंच

परिपक्वता के दिन – 25-30 दिन।

8- कद्दू Pumpkin

उगाने का मौसम – उत्तर भारत : जनवरी-मार्च (late अप्रैल) , सितंबर-दिसंबर , मई – जून

उगाने का मौसम – दक्षिण भारत – दिसंबर-जनवरी , जून –जुलाई

अंकुरण तापमान (° C में) – 20-30

बुवाई विधि – Direct

बुवाई की गहराई (इंच) – 1 इंच  बुवाई दूरी (इंच / फीट) – बीज के बीच – 1 फीट, पंक्तियों के बीच – 4 फीट

परिपक्वता के दिन – 55-60 दिन 

Seedlings Soil कैसे तैयार करें

कुछ पौधे direct जमीन या गमले मे लगाए जा सकते हैं जैसे पालक , लोभिया ,भिंडी आदि किन्तु कुछ पौधों की पहले Seedlings तैयार करनी चाहिए फिर बड़े गमले मे Transplant करना चाहिए जैसे टमाटर , करेला आदि ।

Seedlings तैयार करने के लिए आप Seedling Tray नर्सरी से खरीद कर ला सकते हैं या फिर घर पर ही मौजूद Disposal Cup (Tea/Coffee) का इस्तेमाल कर सकते हैं ।

जिस Mixture में Seeds लगाने हैं उसे इन तीन मटिरियल को मिलकर बनाना सही रहेगा –

कोकोपीट         50%

वर्मी कम्पोस्ट     30%

परलाइट          20%

कोकोपीट , वर्मी कम्पोस्ट/गोबर की खाद और परलाइट/नदी के रेत इन तीनों को अच्छे से मिलाकर Tray या Cups में डाल लीजिये फिर बीजों को थोड़ा अंदर डाल कर मिट्टी डालकर पानी छिड़क दीजिये । इसको छांव वाली जगह पर रख दें लगभग दो सप्ताह के लिए जब तक पत्तियाँ न दिखने लगे ।

3-4 पत्तियाँ आ जाने पर इन्हें आप बड़े गमले में Transplant कर सकते हैं । 

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