क्रोटन को इन तरीकों से आप मरने से बचा सकते हैं | Croton Plant in Hindi

क्रोटन का वानस्पतिक नाम : Coadium variegatum

फैमिली : Euphorbiaceae

कॉमन नेम : क्रोटन , Rush foil,  Variegated laurel

Croton Plant in Hindi

क्रोटन का परिचय

किसी मॉडर्न आर्ट कलाकार के पैंट ब्रश के खूबसूरत और बेपरवाह strokes जैसा canvas लिए क्रोटोन के पत्ते किसी भी घर या गार्डेन की शोभा को कई गुना बढ़ा सकते हैं ।

क्रोटन एक tropical जलवायु का पौधा है , यह बहुत कम लेकिन systematic केयर के साथ अच्छे से ग्रो करता है ।

यह पौधा मलेशिया के अलावा इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी प्रशांत महासागर के द्वीपों में काफी पाया जाता है ।

ट्रोपिकल जलवायु का होने के कारण इसे humidity और indirect bright light बेहद पसंद है और इन्हीं दो बातों का ध्यान आपको रखना होता है इसकी care के लिए ।

ऐसा माना जाता है कि इन्हें बेडरूम में रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। क्रोटन के पौधे में हवा को शुद्ध करने की अद्भुत क्षमता होती है और यह हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों को सोख लेता है ।

क्रोटन का आकार

गमले में यह 2 से 4 फीट तक रह सकता है जबकि जमीन पर लगाने पर यह कुछ सालों मे 5 से 6 फीट तक बड़ा हो जाता है ।

पत्तियों का आकार अलग अलग क़िस्मों में अलग होता है कुछ में बहुत पतली पत्तियाँ जबकि कुछ मे हथेली से भी बड़े आकार की पत्तियाँ होती हैं ।

प्रमुख किस्में

क्रोटन कइसकी पत्तियां उम्र बढ़ने के साथ अपना रंग बदलती हैं। नई पत्तियां मुख्य रूप से पीले व हरे रंग की होती हैं और वयस्क लाल व गुलाबी में बदल जाती हैं। इसकी लोकप्रिय किस्मों में नोर्मा, एप्पल लीफ, औक्यूबिफोलियम, ब्रावो, गोल्ड फिंगर, गोल्ड मून, पेट्रा, जूलियट्टा हैं।

कहाँ से खरीदें

आपके आसपास की नर्सरी पर इसके लगभग सभी popular किस्में आसानी से मिल सकती है ।

इसके अलावा आप online croton ऑर्डर कर मंगा सकते हैं।

चेतावनी

क्रोटन के पत्ते poisonous होते हैं इसलिए यदि आपके घर में पालतू जानवर या छोटे बच्चे हैं तो उसी अनुसार इन पौधों की जगह निश्चित करें ताकि पालतू जानवर या बच्चे इनके पत्तों को गलती से खा न लें ।

croton care in hindi
पतली पत्तियों वाले क्रोटन

क्रोटन की केयर कैसे करें

क्रोटन के देखभाल में कुछ ही बातों का खास ख्याल रखना होता है जैसे indirect bright sunlight और humidity । क्रोटन के उत्तर भारत के लू वाले महीनों में सूखने का प्रमुख कारण humidity का न होना है ।

प्रकाश Light

घर , लान या बालकनी का वो स्थान जहां सबसे bright light आती हो वो क्रोटन के लिए आरक्षित कर दीजिये । यह प्रकाश की उपस्थिती में अच्छा विकास करते हैं इसलिए डाइरैक्ट सन लाइट भी चलेगा इनके लिए ।

Bright Indirect Light से भी अच्छा रहेगा लेकिन यदि आपने इसे कम रोशनी वाली जगह पर रख दिया तो इसकी पत्तियाँ poor quality की होने लगेंगी , इसके साथ मुरझाई सी और रंग भी फीका होने लगेगा ।

5 से 6 घंटे की light क्रोटन के लिए ideal है ।

पानी Water

क्रोटन के सूखने का एक प्रमुख कारण over-watering है ; आपको यह ध्यान रखना होगा या फिर अपनी प्लांट डायरी में यह लिख लीजिये कि आपके “क्रोटन को ज्यादा पानी से नफरत है” ।

इसकी पत्तियाँ अगर मुरझा कर गिरने लगे तो तुरंत देखिये कि कहीं आप रोजाना लगातार पनि तो नहीं दे रहे जो मिट्टी में रुका हुआ हुआ है ; ये क्रोटन का इशारा है कि उसे over-watering की जा रही है ।

जब भी आप पानी दें तो पहले देख लें कि क्या मिट्टी सूखी लग रही है , जब ऊपरी सतह थोड़ी सूखी लगे तब ही पानी दें ।

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पीले पेंट के छींटे जैसे दिखने वाले क्रोटन

तापमान Temperature

क्रोटन की केयर जानने के लिए इसको किस तापमान में रखना है ये जानना बहुत जरूरी है।

ट्रोपिकल एरिया का पौधा होने के कारण 15-16 डिग्री C के नीचे यह अच्छे से ग्रो नहीं कर पाता है, इसलिए सर्दियाँ शुरू होते ही इसको आप ऐसी जगह रख दें जहां सर्द हवाओं से पौधा बचा रहे ।

क्रोटन के लिए आदर्श तापमान 20 से 30 डिग्री C होता है ।

उत्तर भारत में तापमान 30 के ऊपर जाने पर इसे आप इसे ऐसी जगह रखने का प्रयास करें जहां सुबह कि 3-4 घंटे कि धूप मिल जाए उसके बाद direct sunlight न मिले क्यूंकी बहुत तीखी तेज़ धूप पत्तियों के रंग को फीका कर सकती है ।

मिट्टी Soil Mix

चूंकि क्रोटन के मरने का एक कारण overwatering है इसलिए हमे ऐसी मिट्टी तैयार करना होगा जिसमें Overwatering से बचाव का इंतजाम हो मतलब ऐसी मिट्टी जो Well-drained और Porous हो ।

इन 3 materials का इस्तेमाल एक अच्छे mix के रूप में किया जा सकता है –

इस के लिए आप इस माप का प्रयोग कर सकते हैं

Garden Soil       30%

River Sand        30%

Vermi Compost    40%

घर पर खुद से ही किचन वेस्ट से कम्पोस्ट बनाना सीखें

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मॉडर्न आर्ट जैसे लुक वाली चौड़ी पत्तियाँ

गमला Containers

गमलों में hole पर्याप्त मात्रा में हो ताकि एक्सट्रा पानी नीचे से निकाल जाए ; soggy soil से क्रोटन कि जड़ें खराब हो जाती हैं ।

आर्द्रता Humidity

चूंकि tropical area में हमेशा humidity बनी रहती है इसलिए क्रोटन के लिए हमे भी humidity बना के रखना होगा ।

नमी के अभाव में भी कई बार ये पौधे मरने लगते हैं और हमें समझ नही आता कि हमारे पौधे को क्या हो गया और कुछ ही दिनों में क्रोटन सूख जाता है ।

क्रोटन के लिए यह फोर्मूला याद रखें “wetter is better”

अगर आप हमेशा 60% humidity बना के रख सकें तो यह बेस्ट रहेगा , इसके लिए आप क्रोटन के पास एक ट्रे में पानी भर कर रख लें और उसमें कुछ pebbles दल दें इससे पौधे आसपास नमी बनी रहेगी ।

beautiful croton flowers

खाद Fertilizer

अपनी चटक और रंग बिरंगी पत्तियों को खूबसूरत बनाएँ रखने के लिए इसे जाड़े के अलावा खूब पोशाक तत्वों कि आवश्यकता रहती है ।

महीने में एक बार क्रोटन को liquid fertilizer देना जरूरी होता है इसके लिए आप घर पर ही liquid fertilizer बना सकते हैं या फिर seaweed fertilizer का इस्तेमाल कर सकते हैं।

जब भी पौधे को खाद देना हो पौधों को कुछ समय पूर्व पर्याप्त रूप से पानी दें ताकि जड़ व मिट्टी moist हो जाए ; इससे जड़ों को मजबूती प्रदान होती है और तरल खाद को जड़ों द्वारा अच्छे से absorb किया जा सकता है ।

जाड़ों में खाद : जाड़ों के मौसम में क्रोटन dormant हो जाता है इसलिए जाड़े में कोई खाद न दें ।

croton care in hindi
पीली धारी और अलग शेप डिजाइन वाली पत्तियाँ

कीट /रोग

पौधों की समय समय पर जांच करते रहे ताकि किसी भी तरह के Insect का पता उनकी संख्या बढ्ने से पहले ही पता चल जाए ।

गर्मियों में तापमान बढ्ने के साथ Spider mites अक्सर दिख जाते हैं , इनसे बचने के लिए पानी स्प्रे कर पत्तियों को कुछ दिनों के अंतराल पर धुलते रहिए । 

विशेष नोट

1- क्रोटन को transit पसंद नहीं है यह एक ही जगह पर रहना पसंद करता है। अगर आप एक शहर से दूसरे शहर जाते हैं और उसके बाद क्रोटन की पत्तियाँ गिरने लगती हैं तो ज्यादा परेशान न हो , यह नॉर्मल है ।

थोड़ी केयर के बाद फिरसे पत्तियाँ आने लगेंगी ।

2- क्रोटन को इसकी टहनी या फिर पत्ती से propagate किया जाता है । पत्तियों को पानी में रखने से उसमें जड़ें आने लगती हैं पर यह धैर्य वाला प्रोसैस है इसमें 60 से 80 दिन तक लग सकते हैं और आपको इसका पानी भी लगातार change करते रहना होगा ।

टहनी की cutting से पौधा तैयार करना पत्तियों की तुलना में आसान है। मानसून के मौसम में कटिंग लगाने से सफलता की संभावना ज्यादा रहती है ।

आपको यह जानकारी कैसी लगी हमे कमेन्ट करके जरूर बताएं , और नीचे दिये गए like बटन को जरूर दबाएँ , ऐसे ही पेड़-पौधों और गार्डेन से जुड़ी रोचक और उपयोगी जानकारी के लिए hindigarden.com से जुड़े रहें , धन्यवाद ।

Happy Gardening..

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