घर मे एक नया गार्डेन set up कैसे तैयार करें | नया गार्डेन कैसे बनाएँ

आपने नया घर लिया चाहे वह flat हो या villa , या फिर पहले से आपका मकान है और उसमें आप छोटे लेवेल से गार्डेनिंग की शुरुआत करना चाह रहे तो आज की जानकारी आपके काफी काम आने वाली है ।

अगर आप में से कुछ लोग ये सोच रहे हैं कि Gardening उन्हें क्यू करनी चाहिए और Gardening करने से क्या फायदा ,तो आप को बताते चले कि आज के जीवन शैली में अगर घर पर Gardening को शामिल कर लें तो जीवन के कई परेशानियों से आपको निजात मिल सकती है । Try करें फिर बताएं !!

आज की जानकारी को हम Terrace Gardening या Balcony Gardening के रूप में देख सकते हैं जिसमें हम घर की छत और फ्लैट की बालकनी का Use कैसे करें ये जानेंगे ।

नया गार्डेन कैसे तैयार करे

जगह का चुनाव कैसे करें

यदि आपके पास छत तथा नीचे भी खुली जगह है तो उसका आप भरपूर उपयोग कर सकते है, नीचे Flower Plants और सजावटी Plants लगा सकते हैं जबकि छत पर सब्जियाँ उगा सकते हैं ।

छत बड़ी है तो Green shade या Green Net लगवा सकते हैं जिससे पौधों के लिए ज्यादा धूप या ठंड वाले मौसम में बचाव रहेगा ।

Flat की बालकनी और Entrance के पास का स्थान use कर सकते हैं , धूप रहने के अवधि और Location के हिसाब से पौधों को लगाया जा सकता है , कुछ पौधे घर के अंदर भी Decoration के लिए लगाने से घर की खूबसूरती बढ़ जाएगी ।

धूप आने वाले स्थान का उपयोग जरूर करना चाहिए वहाँ पर किसी और प्रकार का निर्माण न कराएं , या फिर कोई बड़ा समान वहाँ न रखें , वह जगह पौधों के लिए आरक्षित रखें ।

घर बनवाते समय या कोई कार्य करवाते समय एक आलमीरा या छोटा सा कमरा गार्डेन के समान ,औज़ार, खाद इत्यादि रखने के लिए बनवा लें तो काफी काम आयेगा ये ।

नया गार्डेन कैसे तैयार करे

गमले का चुनाव कैसे करें Pots/Containers

हम शुरुआत में 20 गमले का Target लेकर चल सकते हैं जिनमें से 10 गमले 9-10 इंच वाले और 10 गमले 5-7 इंच वाले लिए जा सकते हैं। वैसे आप अपने पसंद और क्षमता के अनुरूप से कम या ज्यादा गमले रख सकते हैं ।

मिट्टी या टेरकोटा के गमले पौधों के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं , इसके अतिरिक्त सीमेंट के गमले भी काफी प्रचलित हैं , लेकिन मेरे अनुसार व्यावहारिक रूप से प्लास्टिक के गमले ही सबसे सुविधाजनक होंगे छतों या बालकनी में Gardening के लिए ।

मिट्टी या सीमेंट के गमले भारी होते हैं जिन्हें छत तक ले जाना काफी दुष्कर काम हो सकता है , आप Online Gardening Pots भी मंगा सकते हैं जोकि बिना झंझट गमले घर तक पाने का आसान तरीका है ।

बाज़ार में कई डिजाइन और रंग के गमले मिल रहे हैं पर मै यह सलाह दूंगा की Simple और कम कीमत वाले गमले लें ताकि संख्या में ज्यादा गमले मिल जाएँ , क्योंकि एक जैसे गमले देखने में भी अच्छे लगते हैं ।

ये 9 इंच के गमले Online 55 से 60 रुपये तक मिल जाते हैं जबकि यदि आप अपने शहर में किसी wholesale शॉप पर पता करें तो यह और भी कम दाम में मिल सकते हैं ।

गमले की मिट्टी कैसे तैयार करें Potting Mixture  

एक अच्छे Potting Mixture में तीन Quality होने चाहिए

पौधों के लिए अच्छा Drainage system हो मतलब जितना भी पानी उसमें डाला जाए वह कुछ ही seconds में Pot के hole से नीचे से बाहर निकल जाना चाहिए ।

पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मौजूद हो ।

पौधों के लिए आवश्यक नमी हमेशा मौजूद रहे ,किसी कारणवश पानी न पड़ पाने कि स्थिति में भी

गमलों में Potting Mixture के लिए इन Materials की जरूरत पड़ेगी –

1-Garden या खेत की मिट्टी

2-Cocopeat

3- नदी की रेत River Sand

4- खाद /Compost

मिट्टी Soil

गमले की Mixture के लिए किसी Garden या खेत से मिट्टी मंगा सकते हैं । आजकल शहरों में कई नर्सरी वाले भी खेत की मिट्टी बेचते हैं आप वहाँ से खरीद सकते हैं ।

कुछ लोग सड़क इत्यादि की खुदाई में निकले मिट्टी का Use करते हैं क्यूंकी आसपास कोई गार्डेन या खेत नहीं होता है ये मिट्टी अच्छी नहीं होती फिर भी आप अगर सड़क आदि की मिट्टी लाते हैं तो उसे आपको मोटे Hole वाले चलने से छान लेना होगा ।

नया गार्डेन कैसे तैयार करे
perlite with cocopeat

कोकोपीट Cocopeat

विगत कुछ वर्षों से कोकोपीट का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है । यह नारियल के खोल के रेशे से बनता है, जिसे आप चाहे तो घर पर भी बना सकते हैं पर ज्यादा मात्रा के लिए इसे नर्सरी से या Online खरीदना ही सही रहेगा । यह 40-50 रूपये किलो के आसपास मिलता है ।

यह 1 , 2  व 5 किलोग्राम के Cube में आता है , जो use करने से पूर्व पानी में मिलाया जाता जिससे यह आयतन में लगभग 5 गुना बढ़ जाता है । कोकोपीट के फायदे और उपयोग का तरीका जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।

कोकोपीट को Use करने का मुख्य फायदा यह है कि यह पौधे के लिए आवश्यक नमी को बनाकर रखता है । इसके अलावा यह हल्का भी रहता है जिससे छतों या बालकनी पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता है ।

नदी की रेत Sand

अगर आपने जो मिट्टी use किया है उसमें कुछ अंश बालू का हो तो अलग से बालू मिलने कि आवश्यकता नहीं होगी , अन्यथा उसमें 15-20 % तक बालू मिलाना सही रहेगा ।

बालू मतलब नदी की रेत जिसका उपयोग घर बनाने में होता है ।

बालू कि उपस्थिती में Mixture हवादार बना रहता है जिससे जड़ों को फैलने में आसानी रहती है तथा पानी ज्यादा गमले में इकठ्ठा नहीं रहता । अतिरिक्त पानी इकठ्ठा होने पर जड़ें सदने लगती है और पौधा मर जाता है ।

gardening soil hindi
vegetable soil

एक बात आप याद रख सकते हैं कि खाद के अतिरिक्त mixture की मात्रा 70 % के आसपास रहना चाहिए । खाद या Compost की मात्र 25-30 % रखना पौधे की अच्छी Growth के लिए जरूरी है।

ध्यान रहे अगर आप समुद्री इलाके मे रहते हैं तो गलती से भी समुद्र की रेत न प्रयोग करें क्यूंकी उसमें नमक मिला रहता है जो पौधों के लिए हानिकारक होता है ।

खाद Compost

जैसा कि ऊपर बताया गया है पूरे mixture में खाद या Compost कि मात्रा कम से कम 25 से 30 % जरूर होना चाहिए , और 40% से ज्यादा न रखें । गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट सही रहेगा ।

गोबर की खाद तो आपको किसी डेयरी पर भी मिल सकता है जहां 100 रुपये में एक बोरी तक खाद मिल सकता है , अगर गाँव से आपका संपर्क है तो मुफ्त में भी मिल सकता है ।

वर्मी कम्पोस्ट नर्सरी में लगभग 100 रुपये में 20 किलो मिल जाएगा , अगर छोटा पैकेट लेंगे तो अनुपात में महंगा मिलेगा , अच्छा रहेगा कि 20 किलो का ही पैकेट ले लें ।

आगे चलकर घर पर ही किचन Waste से कम्पोस्ट बना सकते हैं जिससे घर का कूड़ा भी आप Use कर लेंगे और पैसे की भी बचत होगी ।

गमले की मिट्टी कैसे तैयार करें

गमले के लिए इस अनुपात में इन materials को मिलाएँ –

1

गार्डेन या खेत की मिट्टी

20%

2

कोकोपीट

30%

3

नदी की रेत (बालू)

20%

4

खाद/कंपोस्ट

30%

 अगर आपने ये सारे materials  इकठ्ठा कर लिए हैं और 10 गमले तैयार करने का target है तो   2 गमले मिट्टी , 3 गमले कोकोपीट , 2 गमला नदी की रेत और 3 गमला गोबर की खाद (या वर्मी कम्पोस्ट या दोनों का mixture) एक साथ लेकर अच्छे से मिला लें ।

यहाँ हर material का percentage  लिखने का मतलब यह नहीं की आप तराजू लेकर नापने लगें सारे material॰ थोड़ा बहुत ऊपर नीचे होने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा । आपको मुख्य रूप से यह ध्यान रखना है कि खाद के अलावा अन्य हिस्सा 60-70% तक हो जिसमें मिट्टी , कोकोपीट , बालू आदि शामिल हैं ।

जानकारी बढ्ने के साथ आप अन्य मटेरियल जैसे परलाइट , वर्मीक्यूलाइट , सिंडर आदि अन्य का यूज़ करना जान जाएंगे ; फिलहाल शुरुआत मे ऊपर दिये गए 4 मटेरियल से भी बहुत ही अच्छा potting mix तैयार हो जाएगा ।

Pot में Holes चेक कर लें

मिट्टी व सीमेंट के गमलों में सिर्फ एक ही Hole रहता है जिसे आप किसी औज़ार से थोड़ा बड़ा कर सकते हैं ताकि पानी का drainage सही तरीके से हो सके ।

Hole के ऊपर कुछ कंकड़ pebbles आदि जरूर डाल दें नहीं तो Hole जाम होने का खतरा बना रहता है ।

नया गार्डेन कैसे तैयार करे
गमलों मे holes होना बहुत जरूरी है ।

प्लास्टिक गमलों में काफी ज्यादा Hole रहते हैं , जिनसे पानी के साथ साथ Mixture के भी थोड़ा-थोड़ा करके निकल जाने का खतरा बना रहता है इसके लिए गमले में नीचे अच्छी तरह से भरना सही रहता है इसके लिए निम्न तरीके का प्रयोग किया जा सकता है –

मिट्टी के गमले के टूटे हुये टुकड़ों को और छोटा करके भरा जा सकता है

छोटे पत्थर के टुकड़ों से भर सकते हैं

नारियल के रेशे तथा खोल के टुकड़ों का प्रयोग

इसके अतिरिक्त यदि कपड़े के टुकड़े भी कुछ डाल दे तो मिट्टी छन कर नहीं जाएगा ।

किन पौधों का चुनाव करें

गमले और उसके Potting Mixture के बाद हमें अब पौधों का चुनाव करना है , अभी आप कुछ कम देखभाल मांगने वाले पौधों से शुरुआत कर सकते हैं,  इनमें प्रमुख रूप से तुलसी , मनी प्लांट , सिंगोनियम ,गुलाब , सदाबहार , कई तरह की लिली, गुड़हल , अपराजिता की बेल और सब्जियों में आसानी से टमाटर , मिर्च , लहसुन प्याज़ आदि लगा सकते हैं ।

पानी कैसे डालें      

नया गार्डेन कैसे तैयार करे

पौधों में पानी सही तरीके से न डालने पर भी पौधे मुरझा जाते हैं कभी कभी मर भी जाते हैं ।गर्मी में दो बार पानी डालना सही रहता है जबकि बरसात में अतिरिक्त पानी नहीं डालना चाहिए ।हर पौधे की पानी की डिमांड अलग अलग होती है , कुछ पौधे एक सप्ताह तक बिना पानी के रह सकते हैं जबकि कुछ रोज़ पानी मांगते हैं ।पानी डालने के पहले मिट्टी की सतह चेक कर सकते हैं , अगर सतह पर नमी है तो पानी न डालें , जब सतह सूखी लगे तब ही पानी डालें ।

स्पेशल टिप

लंबे समय तक गार्डेनिंग करना चाहते हैं तो एक डायरी बना लें जिसमें activity लिखते जाएँ , और जो भी नई जानकारी या gardening tips मिलें उन्हें भी नोट करते जाएँ जो आने वाले महीनो और वर्षों में आपके काफी कम आएंगे ।

अगर आप ऐसी जगह या शहर में रहते हैं जहां से कुछ समय बाद आपका ट्रान्सफर होने की संभावना है तो आपको उसी हिसाब से पौधों के शौक को आगे बढ़ाना होगा ताकि ट्रान्सफर के समय आप उन पौधों की आसानी से पैकिंग कर सके और ज्यादा पौधे छुट जाने का दुख न हो ।

आपको यह जानकारी कैसी लगी हमे कमेन्ट करके जरूर बताएं , और नीचे दिये गए like बटन को जरूर दबाएँ , ऐसे ही पेड़-पौधों और गार्डेन से जुड़ी रोचक और उपयोगी जानकारी के लिए hindigarden.com से जुड़े रहें , धन्यवाद ।

Happy Gardening..

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